ॐ नमः शिवाय
त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा
कालसर्प दोष (कालसर्प योग शांति) पूजा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में पंडित राकेश शुक्ला गुरुजी द्वारा — 20+ वर्षों का अनुभव, निःशुल्क कुंडली जाँच, शास्त्र अनुसार पूजा।
- समयलगभग 3–4 घंटे
- कुंडली जाँचनिःशुल्क

कालसर्प दोष क्या है?
जब जन्म कुंडली में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि — सातों ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प योग बनता है। राहु को सर्प का मुख और केतु को उसकी पूँछ माना जाता है।
परंपरा के अनुसार यह योग विवाह, करियर, धन, स्वास्थ्य और संतान से जुड़े कार्यों में बार-बार रुकावट लाता है। त्र्यंबकेश्वर, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और जहाँ कुशावर्त से गोदावरी का उद्गम होता है, कालसर्प शांति पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ स्थान माना जाता है।
कालसर्प योग के 12 प्रकार
कालसर्प दोष के लक्षण
- सपने में साँप दिखना या साँप का काटना
- सपने में दिवंगत पूर्वजों का दिखना
- विवाह में बार-बार देरी या रिश्ता टूटना
- मेहनत के बाद भी करियर में सफलता न मिलना
- धन का टिक न पाना, अचानक हानि
- बिना स्पष्ट कारण के बार-बार बीमारी
- परिवार में कलह या अकेलापन
- ऊँचाई, पानी या अंधेरे से अकारण भय
शुभ दिन
अमावस्या, नाग पंचमी और महाशिवरात्रि विशेष शुभ मानी जाती हैं; सही मुहूर्त गुरुजी आपकी कुंडली देखकर तय करते हैं।
दक्षिणा
गुरुजी दक्षिणा और सामग्री की व्यवस्था फ़ोन पर बताते हैं।
कालसर्प पूजा विधि
कुशावर्त स्नान
गोदावरी के उद्गम कुशावर्त कुंड में पवित्र स्नान।
संकल्प
गुरुजी आपके नाम, गोत्र और जन्म विवरण के साथ संकल्प कराते हैं।
गणेश पूजन
विघ्नों को दूर करने के लिए सबसे पहले गणेश पूजन।
कलश स्थापना
गोदावरी जल से भरे कलश की वरुण देव के रूप में स्थापना।
राहु-केतु शांति
राहु, केतु और नवग्रहों की शांति का मुख्य विधान।
नाग पूजन
चांदी की नाग प्रतिमा द्वारा नाग देवता की पूजा।
मंत्र जाप
कालसर्प शांति और राहु-केतु के वैदिक मंत्रों का जाप।
हवन
पवित्र अग्नि में आहुति देकर नकारात्मक ऊर्जा का नाश।
आरती व आशीर्वाद
अंतिम आरती, नाग प्रतिमा का विसर्जन और गुरुजी का आशीर्वाद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कालसर्प पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्यतः 3 से 4 घंटे, एक सुबह में। कुंडली के अनुसार गुरुजी तीन दिन तक की पूजा भी बता सकते हैं।
02पूजा की दक्षिणा कितनी है?
निःशुल्क कुंडली जाँच के बाद गुरुजी हर परिवार को दक्षिणा और सामग्री की व्यवस्था फ़ोन पर बताते हैं, ताकि पूजा के दिन कोई उलझन न हो।
03कालसर्प पूजा में क्या पहनें?
कुशावर्त में स्नान के बाद पुरुष नई सफ़ेद धोती और महिलाएँ नई साड़ी पहनें। काले कपड़े न पहनें।
04क्या कालसर्प पूजा ऑनलाइन हो सकती है?
हाँ। गुरुजी आपके संकल्प से त्र्यंबकेश्वर में पूजा करते हैं और आप वीडियो कॉल पर लाइव जुड़ते हैं।
05कैसे पता करें कि कुंडली में कालसर्प दोष है?
अपना जन्म दिनांक, समय और स्थान गुरुजी को भेजें। वे निःशुल्क कुंडली देखकर बताते हैं कि दोष है या नहीं और कौन सा प्रकार है।
06कालसर्प पूजा कितनी बार करनी चाहिए?
सामान्यतः जीवन में एक बार, त्र्यंबकेश्वर में, कुंडली से तय मुहूर्त पर। आगे कुछ आवश्यक हो तो गुरुजी बताते हैं।